Empowering Global Geriatric Care -www.anojinfinite.org
Empowering Global Geriatric Care: Online Orthopaedic Consultations by NainaTul International* In today’s fast-paced world, quality medical support for our elderly loved ones should never be limited by distance or location. NainaTul International Company is proud to launch its dedicated online medical services for geriatric people. We are starting
अनुच्छेद 21 और जैन न्यायशास्त्र: १ से ५ इंद्रिय जीवों की प्राण-रक्षा — एक सर्वोदय दृष्टिकोण
अनुच्छेद 21 के ‘भाव’ (Spirit) को जैन न्यायशास्त्र के ‘प्राण-रक्षा’ सिद्धांत से जोड़कर एक अनुपम संगम प्रस्तुत किया है। यह न केवल भारतीय संविधान को जैन न्यायशास्त्र की रोशनी में देखने का नया द्वार खोलता है, बल्कि तीर्थंकरों की अमर शिक्षाओं को आधुनिक न्याय-व्यवस्था से जोड़ता
युगादि: आदिनाथ से मानव सभ्यता का उदय और वैश्विक नववर्ष परंपरा
युगादि: आदिनाथ से मानव सभ्यता का उदय और वैश्विक नववर्ष परंपरा प्रस्तावना युगादि (उगादी) केवल एक तिथि या नववर्ष का उत्सव नहीं है, बल्कि यह मानव सभ्यता के जागरण, व्यवस्था और चेतना के आरंभ का प्रतीक है। जैन दर्शन के अनुसार इस “युग” की शुरुआत प्रथम तीर्थंकर भगवान
ANOJ with थॉमस, ई. (1877). Jainism; or, the Early Faith of Asoka
यह 'अतुल्य नयन ऑफ जैनिज्म' (Atulya Nayan of Jainism) के लिए तैयार किया गया पूर्ण शोध-आधारित लेख है, जिसमें ऐतिहासिक संदर्भों और साक्ष्यों (Citations) को विधिवत जोड़ा गया है: जैन धर्म: एक अखंड वैश्विक सभ्यता और विश्व शांति का आधार आज का विश्व जिसे हम यूरोप, अमेरिका और
